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अभय देओल अपने बोल्ड स्टेटमेंट के लिए हमेशा से फेमस रहे हैं और एक बार फिर उन्होंने कुछ ऐसा ही कह डाला है। उनका बयान उस घटना के संदर्भ में आया है, जिसमें हाल ही में मुंबई पुलिस ने सार्वजनिक रूप से अभद्रता फैलाने के आरोप में 40 लोगों को पकड़ा था। अभय का कहना हा कि वे सेक्स को इंजॉय करते हैं।

अभय ने अपने फेसबुक पेज पर अपने विचारों को कुछ इस तरह पेश करते हुए कहा है कि हमारी सोसायटी में सेक्स को लेकर जो हंगामा होत है, उससे मैं भी हैरान हूं। मुझे सेक्स करने में मजा आता है, मुझे इच्छा होती है और मैं करता हूं। मैं इस सच को छिपाता नहीं। मुझे यह खुलेआम स्वीकारने में हल्की सी शर्म महसूस होती है, लेकिन जब मैं लॉजिकली सोचता हूं तो यह गायब हो जाती है और इसका कारण है।

मुझे यह शर्म शायद इसलिए महसूस हो रही है, क्योंकि मेरी परवरिश ही वैसी हुई है। मेरी परवरिश भी उन्हीं भारतीय मूल्यों के बीच हुई है, जिनके बीच दूसरे भारतीय पलते हैं। कुछ लोगों को इस बात से हैरानी हो सकती है, क्योंकि उन्हें यह लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री में पले-बढ़े लोगों की परवरिश अलग होती है (आमतौर पर बेशर्मी और नालायकी के बीच) । मैं यह समझता हूं। मेरी सोसायटी में सेक्स के नाम पर मचने वाले हंगामे से दुख होता है।

अभय ने अपने इस पोस्ट में पुलिस को भी लपेटते हुए लिखा है, ‘लेकिन किसी क्राइम के लिए कम उम्र के युवाओं को सार्वजनिक तौर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना सही है, जो उन्होंने किया ही न हो? मेरे हिसाब से यहां पुलिस ने सार्वजिक रूप से अभद्रता फैलाई है। यह सब इसलिए कि वे कम उम्र के युवक थे, जो सेक्स कर रहे थे। आप अपनी आजादी का कितना फायदा उठा सकते हैं! उन्हें सजा मिलनी चाहिए, चाहे किसी भी कानून से मिले।

कई लोगों को लगता है कि वे नैतिकता का ढोल पीटकर पश्चिमी प्रभाव (जहां सेक्स को लेकर लोगों के विचार खुले होते हैं) से बाहर निकल सकते हैं। सेक्स को लेकर पुराने हो चुके ब्रिटिश कानून जो विक्टोरियन युग से है और आज भी इंडिया इससे प्रभावित है, जो यह दिखाते हैं कि हिंदी मानसिकता कितनी संकुचित है।