दुनिया के दूसरे सबसे पुराने पेड़ को बचाने को लोगों ने छेड़ दी अनोखी मुहिम

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पेड़ जो हमेशा से हर जीव को जीने के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन डेट आये हैं, अगर कभी खुद बीमार हो जायें तो? ऐसा ही एक पद है जो आज जिंदगी और मौत से जूझ रहा है.ये कोई आम पेड़ नहीं, बेहद खास है. यह है 700 साल पुराना एक बरगद का पेड़, जो भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पेड़ है, लेकिन आज वो लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम पर जी रहा है. हमारी जिंदगी के लिए इतने सालों तक जूझने वाला ये पेड़ पता नहीं कब इस दुनिया को अलविदा कह दे.

यूं तो बरगद के पेड़ की उम्र सौ साल या उससे ज्यादा तक होती है, लेकिन तेलंगाना राज्य के महबूबनगर जिले के पिल्ललमारी इलाके में मौजूद ये पेड़ करीब 700 सालों से इंसानों को ऑक्‍सीजन और छांव देता आ रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक यह पेड़ इतना अधिक पुराना है कि इसे भारत ही नहीं पूरी दुनिया में दूसरे सबसे उम्रदराज पेड़ का खिताब मिला हुआ है. इस इलाके में रहने वाले लोगों की कई पीढि़यां इस बरगद की छांव में अपनी जिदंगी के कुछ यादगार पल बिता चुकी हैं, तभी तो इस पेड के उनका दिली जुड़ाव भी है. पर अब ये अपनी आखिरी सांसे गिन रहा है.

इतने सालों तक इन्सान का ख्‍याल रखने वाला ये पुराना पेड़ आज आखिरी सांसे गिन रहा है. वजह है दीमक जिसके कारण इस बरगद की जड़ों से लेकर, शाखाएं और तने तक जगह जगह से खोखले हो चुके हैं. उसके चलते पेड़ पल-पल टूट रहा हैजिससे उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है. कई सौ साल पुराने इस पेड़ की ऐसी हालत न सिर्फ वहां रहने वाले लोगों को परेशान कर रही है, बल्कि पर्यावरण से जुड़े लोग भी पेड़ की हालत देखकर दुखी हैं. जब लोगों को इस विशालकाय बरगद की ऐसी दयनीय हालत का एहसास हुआ तो उन्‍होंने इस पेड़ को बचाने के लिए एक मुहिम सी चला दी है. जिसमें कई विशेषज्ञ भी शामिल हो चुके हैं. इस प्रयास में पेड़ की खोखली हो चुकी विशालकाय शाखाओं और तनों को टूटने से बचाने के लिए लोगों ने कंक्रीट की दीवारें खड़ी कर दीं, ताकि पेड़ की शाखाओं को सहारा दिया जा सके.

फिलहाल इस पेड़ की जिंदगी बचाए रखने के लिए लोग पूरी तरह से इसके इलाज में जुटे हैं. हालात यह है कि पेड़ में लगी दीमक को खत्‍म करने के लिए सैकड़ों की संख्‍या में सलाइन ड्रिप से पेड़ के तने, शाखाओं और जड़ों में नमकीन पानी इंजेक्‍ट किया जा रहा है. उम्‍मीद की जा रही है कि ऐसा करने से यह बुजुर्ग पेड़ दीमक से मुक्‍त होकर धीरे धीरे स्‍वस्‍थ हो जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो हम इस पेड़ को हरा भरा देख पायेंगे.

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